बुलफ्रॉग का जीवन और मृत्यु का संघर्ष

यह चित्र कथा है “धामन (Rat Snake Ptyas mucosa)” और “बुलफ्रॉग (Rana tigerina)” के एक दुर्लभ जीवन-और-मृत्यु संघर्ष की।

एक धामन सांप ने एक बुलफ्रॉग को पकड़ लिया था परन्तु जैसे ही सांप ने मेंढक को निगलने की कोशिश की, मेंढक ने अपने शरीर को फुला लिया ताकि खुद को सांप के मुँह में जाने से रोक सके।

धामन सांप के दांत तेज तो होते हैं परन्तु इतने लम्बे नहीं जो एक बड़े बुलफ्रॉग के शरीर से आरपार हो पाए। अतः सांप उसे निगलने की कोशिश में लगा रहा। लगभग 10 मिनट तक यह संघर्ष चला और मेंढक के शरीर से कुछ जगहों से खून निकलने लगा।

लग रहा था की अब मेंढक जीवित नहीं बचने वाला है, तभी अचानक मेंढक, सांप की पकड़ से छूट कर पानी में गायब हो गया।

अक्सर मेंढक साँपों की पकड़ से बचने के लिए अपने आगे के पैरों की मदद से बाहर की तरफ धक्का लगाते हैं और बच निकलते हैं। धामन जैसे बड़े आकार के आक्रामक शिकारी की पकड़ से बच निकलना काफी हैरान करने वाला था। निःसंदेह, मेंढक की जीवित रहने की इच्छा धामन की भूख से मजबूत रही होगी।

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