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वल्चर सेफ ज़ोन: गिद्धों को बचाने की एक पहल

गिद्ध, हमारे पारिस्थितिकी तंत्र के अभिन्न अंग हैं, जो सफाईकर्मी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि, बीते कुछ दशकों में गिद्धों की आबादी में खतरनाक गिरावट आई। गिद्धों के लिए सुरक्षित...

भालू (स्लॉथ बेयर) की जीवन यात्रा

जंगल में दीमक की संख्या को नियंत्रित करने वाला पेस्ट कंट्रोल सर्विस देने वाला प्राणी होता है – भालू। असल में अधिकांश लोग मानते है की दीमक नुकसान के अलावा कुछ नहीं करता। भालू ऐसे नहीं सोचता, वह इसे...

स्याहगोश (Caracal) का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र: धौलपुर करौली टाइगर रिजर्व

हाल ही में बना बाघों का नया घर - धौलपुर करौली टाइगर रिजर्व, राज्य को मध्य प्रदेश से ही नहीं जोड़ता बल्कि यह स्याहगोश (caracal) का देश में सबसे उत्तम स्थान है। यह स्थान बाघों ने अपने लिए स्वयं चयन...

शीध्र व शानदार हरियाली की चाह में मरती देशज जैव विविधता

आजकल हर आदमी को जल्दी से जल्दी, सघन, सदाबहार व आकर्षक हरियाली चाहिए। आम आदमी से लेकर स्वंयसेवी संस्थाऐं, नगरपालिका, नगर परिषद्, वनविभाग व अन्य सभी  विभागों की यही चाह है। यह चाह तब और प्रबल और...

राजस्थान में ऊँटो की नस्ल में विविधता एवं उनकी संख्या

राजस्थान में ऊँटो की नस्ल में विविधता एवं उनकी संख्या सन 1900 में, तंदुरुस्त ऊंटों पर बैठ के बीकानेर राज्य की एक सैन्य टुकड़ी, ब्रिटिश सेना की और से चीन में एक युद्ध में भाग लेने गयी थी। उनका सामना,...

अनोखा आशियाना बनाने वाली क्रिमेटोगैस्टर चींटियाँ

राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के सीतामाता वन्यजीव अभयारण्य में चींटियों की एक प्रजाति मिलती है जो घोंसले बनाती है जो पैगोडा मंदिरों के आकर का होता है। यह चींटियां देखने में  सामान्य काली चिंटी लगती है,...

सबसे बुद्धिमान आर्थ्रोपॉड में शामिल एक मकड़ी की बात

पोर्टिया मकड़ियाँ एक छोटी जंपिंग स्पाइडर है। जो साल्टिसिडे परिवार से संबंधित हैं। ये मकड़ी सबसे बुद्धिमान आर्थ्रोपॉड में से एक हैं। क्योंकि पोर्टिया मकड़ियाँ शिकारी का शिकारी करती हैं। वह तभी संभव...

“सांभर झील की पारिस्थितिकी पर अवैध नमक व्यापार का खतरा”

भारत के हर एक हिस्से से अंग्रेज अपना लाभ उठा रहे थे, कहीं से कॉफी, कहीं से चाय और कहीं से मसाले, राजस्थान से उन्हें आज्ञाकारी सैनिक और बुद्धिमान व्यापारी तो मिले ही साथ ही उन्हें मिला सांभर झील का...

राजस्थान में मिलने वाली चमगादड़ प्रजातियां

राजस्थान में पाए जाने वाले चमगादड़ों की विविधता को संकलित करता आलेख चमगादड़ स्तनधारी प्राणियों का एक ऐसा समूह जिसे लोग सदैव हेय दृष्टि से ही देखते आये हैं।  इन्होंने भी अपने आप को हमसे दूर रखने में...

राजस्थान के एक खूबसूरत ऑर्किड का एक पेचीदा परागण

राजस्थान एक सूखा क्षेत्र है परन्तु कुछ सुंदर दिखने वाले नम क्षेत्रों के अनोखे पौधे भी यदा कदा इधर उधर मिल जाते है। इसी तरह का एक खूबसूरत ऑर्किड - ईस्टर्न मार्श हेलेबोरिन (एपिपैक्टिस वेराट्रिफ़ोलिया-...

राजस्थान में चमगादड़ की एक प्रजाति- इंडियन रॉउंड लीफ बैट की खोज

इंडियन रॉउंडलीफ बैट (हिप्पोसिडेरोस लंकादिवा) भारतीय उप-महाद्वीप में मिलने वाली एक बड़े आकार की एक कीटभक्षी चमगादड़ है, जो पहली बार राजस्थान में मिली है। यह राजस्थान के करौली जिले के कसेड नामक गुफा...

वन दुर्ग

दुर्ग :-1 सुनहरी रोशनी से दमकते जालोर के एक पहाड़ का नाम है स्वर्णगिरि जिस पर बना है एक विशाल किला - जालोर फोर्टउतना ही पुराना जितना शायद रणथम्भोर (१ हजार साल)। आज कल किले मुझे अच्छे लगते है,...

टॉडगढ़ रावली वन्यजीव अभ्यारण्य

  यह जगह अनोखी है, हर कोना प्रकृति के रंग से रंगा हुआ और इतिहास की गाथाओं से लबरेज़। यह बात उस स्थान से जुड़ी है जिसका नाम है - टॉडगढ़ रावली वन्यजीव अभ्यारण्य। यह राजस्थान के दो महत्वपूर्ण...

‘’प्रकृति  की पुकार” पुस्तक

‘’प्रकृति  की पुकार” पुस्तक एक अनुठी कृति है जो राजस्थान प्रशासनिक सेवा से जुड़े डॉ. सूरज सिंह नेगी एवम उनकी पत्नी वनस्थली विधापीठ  में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मीना सिरोला द्वारा सम्पादित की गयी है यह...

गिद्धों का नया सुरक्षित आश्रय स्थल : ठेकरा गौशाला, करौली

प्राचीन काल से गाय का हिन्दू संस्कृति में अपना एक विशेष स्थान है परन्तु आज के समय इनकी बात करना आधुनिकता के खिलाफ और प्राचीन मानसिकता का द्योतकमान लिया जाता है। यदि आप पारिस्थितिक तंत्र की हलकी सी...

गोडावण संरक्षण के संदर्भ में तीन संरक्षणवादियों के विचार  

  गोडावण कन्जर्वेशन में जब कैप्टिव ब्रीडिंग प्रोग्राम शुरू हुआ तो लगने लगा गोडावण के संरक्षण में अब गति आएगी,  परन्तु यह काम यही तक सिमित रह गया और पिछले दिनों हुई ब्रीडिंग सेंटर पर हुई गोडावण...

पक्षियों द्वारा दिया जाता है प्रेम उपहार (Nuptial gift)

जटिल और सुंदर आवाज अथवा मुश्किल नृत्य के माध्यम से पक्षियों में अपने संगी को रिझाना एक अत्यंत सामान्य प्रक्रिया है।  परन्तु क्या आप जानते है 'प्रेम उपहार' (नुपिटल गिफ्ट) भी एक तरीका है, जिसमें पक्षी...

आओ जैव वैज्ञानिक रेकार्ड बनायें

विज्ञान से सरोकार रखने वाले लोग प्रकृति में जब भी घूमते हैं या अवलोकन करते हैं तो वे प्रेक्षण लेते रहते हैं। ये प्रेक्षण वीडियों, सेल्फी, फोटो, आंकडों, संस्मरण, नोट, चित्र या आरेख के रूप में या किसी...

हिचड़कावा: एक विशाल झींगुर

राजस्थान में एक विचित्र नाम का कीट हैं -हिचड़कावा, यह असल में एक विशाल झींगुर हैं, जो रेतीली सतह- धोरों, नदियों के किनारे आदि पर मिलता हैं। हिचाड़कावा क्या नाम हुआ ? असल में इस विचित्र दिखने वाले...

अरावली के ऑर्किड

राजस्थान के दक्षिणी हिस्से में कई ऑर्किड प्रजातियां पायी जाती हैं . राजस्थान कांटेदार और छोटी पत्तीदार पौधों से भरपूर हैं परन्तु २० से कुछ अधिक ऑर्किड प्रजातियां भी अरावली और विन्ध्यांचल के शुष्क...

टाइगर गोल्ड : श्री वाल्मीक थॉपर की रणथम्भौर के बाघों पर एक नई पुस्तक

  श्री वाल्मीक थॉपर ने दुर्लभ बाघ व्यवहार दर्शाने वाले छाया चित्रों के संग्रह के साथ अनोखी पुस्तक का प्रकाशन किया है. इस पुस्तक में बाघों के आपसी टकराव, शिकार, बच्चों के लालन पालन, प्रणय,...

लम्पी गायों के लिए एक अत्यंत घातक रोग : क्या करे? कैसे बचाये अपने पशु धन को ?  

लम्पी स्किन डिजीज यानि गुमड़दार त्वचा रोग जो मवेशियों का एक संक्रामक वायरल रोग है, जो अक्सर एपिज़ूटिक रूप में होता है। एपिज़ूटिक यानि किसी पशु प्रजाति में  व्यापक रूप से कोई बीमारी का प्रसार। आज कल...

भींग: एक निर्भीक बीटल

भीं भीं भीं ''''''''' की निरंतर आवाज करते हुए यह भारी भरकम बीटल निर्भीक तौर पर दिन में उड़ते हुए दिख जाते हैं।स्टेरनोसरा क्रिसिस (Sternocera chrysis) को राजस्थान में भींग कहा जाता हैं।  इनका ऊपरी...

मरुस्थल से घिरे छप्पन्न के पहाड़ : Siwana Hills 

राजस्थान के मरुस्थल की कठोरता की पराकाष्ठा इन  छप्पन्न के पहाड़ों में देखने को मिलती हैं।यह ऊँचे तपते पहाड़ एक वीर सेनानायक की कर्म स्थली हुआ करता था। उनके लिए कहते हैं की आठ पहर चौबीस घडी, घुडले...

राजस्थान का एक सुनहरा बिच्छू : बूथाकस अग्रवाली (Buthacus agarwali)

राजस्थान के सुनहरे रेतीले धोरों पर मिलने वाला  एक सुनहरा बिच्छू जो मात्र यहीं पाया जाता हैं ......................................... राजस्थान के रेगिस्तान में ऐसे तो कई तरह के भू-भाग है, परन्तु...

 पत्थर इकट्ठा करने वाला रहस्यमय ककरगड़ा सांप    

सवाई माधोपुर - करौली ज़िलों के आस पास के लोग एक रहस्यमय सांप के बारे में अक्सर चर्चा करते है, जिसे वे ककरगड़ा के नाम से जानते है।  उनके अनुसार यह सांप अपने बिलों के आस पास कंकर इकट्ठे करता है। इन...

राजस्थान के खोये हुए तीन चमगादड़ प्रजातियों की कहानी  

पिछले लगभग 150 वर्षों से राजस्थान राज्य में चमगादड़ की तीन प्रजातियां को देखा नहीं जा सका हैं। अनेकों सर्वे, खोज यात्रा, अध्ययन के बाद भी आज तक इन तीनो प्रजातियों का कोई अता पता नहीं लगा है।...

राजस्थान के धागे जैसे पतले थ्रेड स्नैक्स (Thread snake)

लोगो का सांपों के प्रति दो प्रकार से व्यवहार देखा गया है, कुछ लोग इनसे अत्यंत लगाव रखते हैं और हर मौके पर सांपों की चर्चा करते हुए नहीं थकते हैं, और दूसरे वे जो केंचुओं जैसे दिखने वाले निरीह ब्लाइंड...

राजस्थान के अंतिम जंगली चीता की कहानी

कई विवादों और शंकाओं के बीच भारत देश में अब चीता को पुनः स्थापित किया जाने वाला हैं। राजस्थान राज्य के कुछ क्षेत्र भी इसके लिए उपयुक्त माने गए हैं। परन्तु क्या आप जानते हैं की राजस्थान में अंतिम...

आम की बारहमासी फल देने वाली राजस्थान की एक किस्म – ‘सदाबहार’ 

  क्या कोई यह  विश्‍वास करेगा की राजस्थान के एक किसान ने  आम की एक ऐसी नई किस्म विकसित की हैं जो वर्ष में तीन बार फल देती है।   राजस्थान के  कोटा शहर के पास गिरधरपुरा गांव के  रहने वाले किसान...

राज्यों की बायोजियोग्राफी के आधार पर हुई आंवल-बांवल की ऐतिहासिक संधि

  सन 1453 में , एक दूसरे के धुर विरोधी, मेवाड़ के महाराणा कुम्भा और मारवाड़ के राव जोधा को एक जाजम पर बैठा कर बात तो करा दी गई, परन्तु तय होना बाकि था, कि मेवाड़ और मारवाड़ की सीमा कहाँ तक...