राजस्थान के बाघ अभयारण्यों से गाँवों के विस्थापन की तथ्यात्मक कहानी
भारत के जंगलों में, जहाँ बाघ की दहाड़ के बीच हज़ारों परिवारों का शोर भी सुनाई देता है, वहाँ उनके खेत, उनके पशु, उनके देवता और उनके पुरखों के स्मारक स्थल — सब उसी जंगल से जुड़े हैं। लेकिन जब भारत ने अपने बाघों को बचाने का फ़ैसला किया, तो सबसे पहला सवाल यही उठा: क्या...
राजस्थान के महलों एवं दुर्गों के वृक्ष
राजस्थान राज्य किलों, महलों, गढों और गढियों के लिए जाना जाता रहा है। राजा-महाराजा, राव-उमराव सब अपनी - अपनी हैसियत अनुसार किले व महल आदि बनवाते थे। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने एवं आन्तरिक गतिविधियों को छुपाये रखने हेतु अलग-अलग मोटाई, ऊँचाई व बनावट की प्राचीरें...
A TANGO for the Tiger
With the passing of Vallu, Ranthambhore has lost one of it strongest voice. Today as we gather to celebrate his life I would like to share a few words on how I look at their life together. I had a ring side seat. Dad gave Vallu a purpose in life at a time when he was...
जयपुर में बढ़ते तेंदुआ–मानव संघर्ष के संदर्भ में एक अन्य दृष्टिकोण
जयपुर में तेंदुआ-मानव संघर्ष बढ़ा क्यों? जब सब कहते हैं जंगल में कमी है, तो मेरा मानना है कि इंसानों ने अनजाने में तेंदुओं के लिए 'सब कुछ' इतना आसान बना दिया है कि यह उनके ही जीवन के लिए एक 'खतरनाक जाल' बन गया है। हाल के दिनों में जयपुर के आसपास तेंदुओं ने कई बार डर...
The Strange Tale of Two Missing Bats in Rajasthan
We often fail to recognize that the knowledge of the biodiversity of a...
पीवणा – एक रहस्यमय सर्प मिथक एवं वास्तविकता की कहानी
थार के रेगिस्तान में एक रहस्यमय सांप सोये हुए लोगों को बिना डसे ही मारने के...
राजस्थान में पहली बार टारेंटुला मकड़ी का रिकॉर्ड: एक अद्भुत खोज
टारेंटुला मकड़ियां थेराफोसिडे परिवार से संबंधित बड़े आकार की, घने बालों वाली...
राजस्थान के बाघ अभयारण्यों से गाँवों के विस्थापन की तथ्यात्मक कहानी
भारत के जंगलों में, जहाँ बाघ की दहाड़ के बीच हज़ारों परिवारों का शोर भी सुनाई...
राजस्थान के महलों एवं दुर्गों के वृक्ष
राजस्थान राज्य किलों, महलों, गढों और गढियों के लिए जाना जाता रहा है।...
वल्चर सेफ ज़ोन: गिद्धों को बचाने की एक पहल
गिद्ध, हमारे पारिस्थितिकी तंत्र के अभिन्न अंग हैं, जो सफाईकर्मी के रूप में...
पैसिव प्लांट टैक्सोनॉमी: राजस्थान के विशेष सन्दर्भ में
जानिये कैसे गूगल से पौधों की सरल पहचान बने खतरा ए जान? क्या आपने कभी सोचा है...
वन रक्षक 5: वन्यजीव प्रेमी एवं रक्षक: स्वरूपाराम गोदारा
स्वरूपाराम, एक ऐसा वन रक्षक जिसने न सिर्फ जंगल की आग बुझाकर वन्यजीवों की जान...
Annals of History
अजमेर के मदार पर्वत की एक विश्मयकारी चमकनेवाली छिपकली
यह दो सरिसर्प विशेषज्ञो के मध्य हुए एक वैज्ञानिक मंथन पर आधारित आलेख है, इस मंथन के मध्य मैंने कुछ...
90 वर्ष पूर्व बाघों को फिर से बसाने की दास्तान
बोखा बाघ अब इतिहास का एक किस्सा भर लगता है, पर यह वह बाघ था जिसने डूंगरपुर राज्य को संरक्षण की...
Book Review: Col. Kesari Singh Kanota – The “Tiger”
A Majestic Chronicle of Wilderness, Valor, and Heritage Col. Kesari Singh Kanota - The Tiger is...
नाथू बावरिया की चार पीढ़ियों के संघर्ष
कर्नल केसरी सिंह ने अपनी एक पुस्तक में रणथम्भोर के एक...
Rajasthan’s First Modern Botanical Explorer
Victor Jacquemont (1801-1832), a French botanist, geologist and explorer, reached the pinnacle of...
Photo Story
बसंत में सफेद बगुलों का आश्रय – आम का पेड़
हम सब ने कहीं न कही पेड़ों पर पक्षियों को बैठे देखा है जो हमारा ध्यान आकर्षित करते है, खासतौर पर...
सबसे बुद्धिमान आर्थ्रोपॉड में शामिल एक मकड़ी की बात
पोर्टिया मकड़ियाँ एक छोटी जंपिंग स्पाइडर है। जो साल्टिसिडे परिवार से संबंधित हैं। ये मकड़ी सबसे...
राजस्थान के एक खूबसूरत ऑर्किड का एक पेचीदा परागण
राजस्थान एक सूखा क्षेत्र है परन्तु कुछ सुंदर दिखने वाले नम क्षेत्रों के अनोखे पौधे भी यदा कदा इधर...
मगरमच्छ संग ऊदबिलाव का व्यवहार
स्मूद कोटेड ओटर (Lutrogale perspicillata), एशिया में पाए जाने वाला सबसे बड़ा ऊदबिलाव है जो नदी के...
कैसे एक नेवले ने चुराया कोबरा का शिकार
वन्यजीव जगत में भोजन/शिकार की चोरी एक आम बात है और ऐसी चोरियों के दौरान कई बार शिकारी और चोर के...

