Flora
राजस्थान के महलों एवं दुर्गों के वृक्ष
राजस्थान राज्य किलों, महलों, गढों और गढियों के लिए जाना जाता रहा है। राजा-महाराजा, राव-उमराव सब अपनी - अपनी हैसियत अनुसार किले व महल आदि बनवाते थे।...
Flora of Bansyal – Khetri – Bagor Conservation Reserve, Jhunjhunu District, Rajsathan
Dr. Dharmendra Khandal Conservation Biologist Tiger Watch, Sawai Madhopur, Rajasthan Dr. Satish Kumar Sharma Assistant Conservator of Forests...
कदम तालाब
देश के ग्रामीण अंचलों में जगह-जगह तालाब (जोहड) मिलते हैं जिनका आर्थिक, धार्मिक, सांस्कृतिक महत्व तो है ही उनका पारिस्थतिकीय महत्व भी कम नहीं है। इन...
Flora of Ramgarh Crater, Baran, Rajasthan
Flora Of Ramgarh Crater, Baran District, Rajasthan with Ethnobotanical Notes and Highlight on Related Issues Dr. Satish Kumar Sharma Assistant...
राजस्थान की ख़ुशबू
गंध सिर्फ़ गंध नहीं, स्मृति, पहचान और भविष्य की चेतावनी भी होती है। अगर हम इन सूक्ष्म संकेतों को जान लें, तो सिर्फ़ हवा नहीं, हमारी ज़िंदगी भी फिर...
अरावली के ऑर्किड
राजस्थान के दक्षिणी हिस्से में कई ऑर्किड प्रजातियां पायी जाती हैं . राजस्थान कांटेदार और छोटी पत्तीदार पौधों से भरपूर हैं परन्तु २० से कुछ अधिक...
आम की बारहमासी फल देने वाली राजस्थान की एक किस्म – ‘सदाबहार’
क्या कोई यह विश्वास करेगा की राजस्थान के एक किसान ने आम की एक ऐसी नई किस्म विकसित की हैं जो वर्ष में तीन बार फल देती है। राजस्थान के ...
राज्यों की बायोजियोग्राफी के आधार पर हुई आंवल-बांवल की ऐतिहासिक संधि
सन 1453 में , एक दूसरे के धुर विरोधी, मेवाड़ के महाराणा कुम्भा और मारवाड़ के राव जोधा को एक जाजम पर बैठा कर बात तो करा दी गई, परन्तु तय होना...
कार्वी: राजस्थान के फूलों की रानी
कर्वी (Storbilanthescallosa) दक्षिणी अरावली की कम ज्ञात झाड़ीदार पौधों की प्रजाति है। यह पश्चिमी घाट और सतपुड़ा पहाड़ियों में एक प्रसिद्ध प्रजाति...
कार्वी: आठ साल में फूल देने वाला राजस्थान का अनूठा पौधा
कार्वी, राजस्थान का एक झाड़ीदार पौधा जिसकी फितरत है आठ साल में एक बार फूल देना और फिर मर जाना… कार्वी एक झाड़ीदार पौधा है जिसे विज्ञान जगत में...
पार्थीनियम: शुष्क प्रदेश के लिए एक अभिश्राप
"पार्थीनियम " आज राजस्थान की दूसरी सबसे अधिक आक्रामक तरीके से फैलने वाली एक खरपतवार है जो यहाँ के आवासों, स्थानीय वनस्पत्तियों और वन्यजीवों के लिए...
राजस्थान में विशाल आकार के वृक्ष, झाडियां एवं काष्ठ लतायेंः एक विवेचन
दुनियाँ में पक्षी अवलोकन (Bird watching or birding), साँप अवलोकन (Snake watching), वन्यजीव छायाचित्रण (Wildlife Photography), वन भ्रमण (Jungle...
राजस्थान के वन
प्रस्तुत आलेख द्वारा जानते हैं, राजस्थान की अनुपम वन सम्पदा के बारे में जो न सिर्फ हमारी अनेक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष जरूरतों को पूर्ण करते हैं...
अरावली के सूंदर एवं महत्वपूर्ण वृक्ष
अरावली राजस्थान की मुख्य पर्वत शृंखला है जो छोटे और मध्य आकर के वृक्षों से आच्छादित है, इन वृक्षों में विविधता तो है परन्तु कुछ वृक्षों ने मानो पूरी...
इन पेड़ों और झाड़ियों के बिना राजस्थान का रेगिस्तान अधूरा हैं
राजस्थान को मुख्यतया दो भागों में बांटा जा सकता हैं - मरुस्थलीय हिस्सा एवं अरावली अथवा विंध्य पहाड़ियों से घिरा भूभाग। मरुस्थल में पौधों के जीवन में...
औपनिवेशिक अवधारणा एवं संकटग्रस्त परिदृश्य : बाह्य आक्रामक प्रजातियों का पारम्परिक पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रभाव
स्थानीय वनस्पतिक समुदाय में सीमित प्रजातियों की संख्या के कारण शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क प्रदेश किसी भी बाह्य आक्रामक प्रजाति को पारिस्थितिक रूप से...
राजस्थान में “इंद्रधौक” (Anogeissus sericea Var. sericea) का वितरण
राजस्थान के शुष्क वातावरण में पाए जाने वाला वृक्ष "इंद्रधौक" जो राज्य के बहुत ही सिमित वन क्षेत्रों में पाया जाता है, जंगली सिल्क के कीट के जीवन...
राजस्थान में खोजी गयी एक नयी वनस्पति: Elatostema cuneatum
कैलादेवी अभ्यारण्य में पायी गयी वेस्टर्न घाट्स में पायी जाने वाली एक वनस्पति जो…
एलो ट्राईनर्विस: राजस्थान की एक नई एलो प्रजाति
राजस्थान के बीकानेर जिले में पायी गई एक नई वनस्पति प्रजाति…
पिम्पा: थार मरुस्थल में उगने वाला सलाद पौधा
पिम्पा, राजस्थान के अत्यंत शुष्क वातावरण में उगने वाला सलाद पौधा जो भू उपयोग में आये बदलाव के कारण…



















