घास व शाक
राजस्थान में फैलने वाली नयी विदेशी वनस्पतियां
वैसे तो खरपतवार की परिभाषा कोई आसान नहीं है परन्तु फिर भी खरपतवार वे अवांछित पौधे होते हैं…
घास, शाक और छोटे शाकीय पौधे — खेतों की देसी किस्में, घरेलू औषधीय वनस्पतियाँ, और खुली ज़मीन पर तेज़ी से फैलती खरपतवार। ग्यारह लेखों में से नौ हिंदी में हैं।
इनमें पाली-मारवाड़ की खारी मिट्टी में उगने वाला खर्चिया गेंहू, थार मरुस्थल का सलाद पौधा पिम्पा, राजस्थान में खोजी गयी नयी वनस्पति Elatostema cuneatum, और पार्थीनियम व विलायती बबूल जैसी आक्रामक प्रजातियाँ शामिल हैं। तुलसी, जटामासी, गिलोय और अश्वगंधा भी यहीं दर्ज हैं, और घर-घर औषधि योजना पर एक लेख भी।
वैसे तो खरपतवार की परिभाषा कोई आसान नहीं है परन्तु फिर भी खरपतवार वे अवांछित पौधे होते हैं…
While working with farmers in Pali district I came across a local land race of wheat which is…