राजस्थान में पहली बार जीवित मिला दुर्लभ इंडियन एग-ईटिंग स्नेक
16 अगस्त 2026 को चित्तौड़गढ़ की राशमी तहसील के हरनाथपुरा गाँव में लगभग दो फीट लंबा इंडियन एग-ईटिंग…
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प्राणी इस साइट की मूल श्रेणी है, जिसके नीचे राजस्थान के जीव-जगत की उप-श्रेणियाँ आती हैं — स्तनधारी, पक्षी, सरीसृप व उभयचर, तथा कीट व अकशेरुकी। लेख इन्हीं उप-श्रेणियों में दर्ज होते हैं; यहाँ सीधे बहुत कम सामग्री रखी जाती है।
इस स्तर पर वही चार लेख हैं जो किसी एक समूह की बजाय प्राणी जीवन को समग्र रूप से देखते हैं — राजस्थान के एंडेमिक प्राणी, “प्राणी प्रमाण” यानी जीवों के छोड़े चिह्न कैसे पढ़े जाएँ, और Faunal Diversity of Rajasthan की समीक्षा।
16 अगस्त 2026 को चित्तौड़गढ़ की राशमी तहसील के हरनाथपुरा गाँव में लगभग दो फीट लंबा इंडियन एग-ईटिंग…
टाइगर वॉच के एक पर्यावरण शिक्षक धर्मसिंह गुर्जर कैलादेवी वन्यजीव अभयारण्य के पास बसे एक गाँव से गुजर…
Read in Hindi Nature is home to countless small creatures that often go unnoticed, and many of them…
Read in English आज भी प्रकृति में ऐसे अनेक छोटे जीव मौजूद हैं, जिनकी पहचान विज्ञान के लिए…
भारत के जंगलों में, जहाँ बाघ की दहाड़ के बीच हज़ारों परिवारों का शोर भी सुनाई देता है,…
With the passing of Vallu, Ranthambhore has lost one of it strongest voice. Today as we gather to…
जयपुर में तेंदुआ-मानव संघर्ष बढ़ा क्यों? जब सब कहते हैं जंगल में कमी है, तो मेरा मानना है…
Butterflies are diurnal, non-biting, non-stinging, six – legged (3-paird) insects heaving 2 pairs of wings for flying. Both,…
क्या आपने कभी सुना है गाँवों में बने ‘कीडी नगरा’ के बारे में, जहाँ इंसान चींटियों के लिए…
पुस्तक का सारांश "राजस्थान के बाघों का संसार" अरावली और विंध्यांचल की अद्भुत जैव विविधता और पारिस्थितिकी पर…