Category: रणथम्भौर व विंध्य

इस श्रेणी का क्षेत्र रणथम्भौर टाइगर रिज़र्व और उससे लगा विंध्य किनारे का जंगल है — सवाई माधोपुर, कैलादेवी, सवाई मानसिंह अभयारण्य और करौली की पहाड़ियाँ। 2020 से अब तक के 55 लेख यहाँ दर्ज हैं, जिनमें दो-तिहाई हिंदी में हैं। बाघ यहाँ सबसे बार-बार लौटने वाला विषय है, पर श्रेणी उसी तक सीमित नहीं।

नर बाघ का अपने शावक के प्रति व्यवहार, शावकों की खेल-खेल में लड़ाई, रसेल्स वाइपर में नर संग्राम और दोंगड़े की बारिश के बाद उड़ने वाली पायोनीर तितलियाँ — ये सब यहीं मिलेंगी। साथ में लोग भी: फ़तेह सिंह राठौड़, आदित्य ‘डिक्की’ सिंह, और नाथू बावरिया के समुदाय का संघर्ष। वाल्मीक थॉपर की पुस्तक ‘टाइगर गोल्ड’ पर टिप्पणी और बाघ संरक्षण की वर्तमान चुनौतियाँ भी इसी श्रेणी में हैं।

अंधविश्वास के कारण एक और जान गई
मानव-वन्यजीव संघर्ष

अंधविश्वास के कारण एक और जान गई

टाइगर वॉच के एक पर्यावरण शिक्षक धर्मसिंह गुर्जर कैलादेवी वन्यजीव अभयारण्य के पास बसे एक गाँव से गुजर…

A TANGO for the Tiger
समुदाय व लोग

A TANGO for the Tiger

With the passing of Vallu, Ranthambhore has lost one of it strongest voice. Today as we gather to…

रणथम्भौर: इतिहास के नामों का सफर
इतिहास के पन्ने

रणथम्भौर: इतिहास के नामों का सफर

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अनुसार रणथम्भौर का इतिहास 1500 वर्ष पुराना माना गया है। क्या प्रारम्भ से…

राजस्थान में पहली बार टारेंटुला मकड़ी का रिकॉर्ड: एक अद्भुत खोज
कीट व अकशेरुकी

राजस्थान में पहली बार टारेंटुला मकड़ी का रिकॉर्ड: एक अद्भुत खोज

टारेंटुला मकड़ियां थेराफोसिडे परिवार से संबंधित बड़े आकार की, घने बालों वाली मकड़ियां हैं। ये दुनिया भर के…