रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में प्रोसोपिस जूलिफ्लोरा का उन्मूलन
वर्ष 2022 में टाइगर रिजर्व बनने से पहले रामगढ़ विषधारी का बड़ा हिस्सा जूलिफ्लोरा से भरा था। तत्कालीन…
यह श्रेणी उन लेखों की है जो राजस्थान की प्रजातियों और आवासों पर पड़ रहे दबाव को दर्ज करते हैं — क्या घट रहा है, कहाँ घट रहा है, और किस वजह से। 2020 से अब तक के 78 लेख यहाँ हैं, अधिकतर हिन्दी में और कुछ अंग्रेज़ी में।
बाघ यहाँ सबसे बार-बार लौटने वाला विषय है, विशेषकर रणथंभोर में संरक्षण की वर्तमान चुनौतियाँ। इनके साथ सियागोश के सिकुड़ते इलाक़े, गोडावण, स्मूद कोटेड ओटर, ढोल और गिद्धों पर लेख हैं; चंबल के घड़ियाल और मगरमच्छ पर; आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी से वन्यजीवों को ख़तरे पर; और थार के उन पेड़-झाड़ियों पर जिनके बिना रेगिस्तान अधूरा है।
वर्ष 2022 में टाइगर रिजर्व बनने से पहले रामगढ़ विषधारी का बड़ा हिस्सा जूलिफ्लोरा से भरा था। तत्कालीन…
टाइगर वॉच के एक पर्यावरण शिक्षक धर्मसिंह गुर्जर कैलादेवी वन्यजीव अभयारण्य के पास बसे एक गाँव से गुजर…
भारत के जंगलों में, जहाँ बाघ की दहाड़ के बीच हज़ारों परिवारों का शोर भी सुनाई देता है,…
Dr. Dharmendra Khandal Conservation Biologist Tiger Watch, Sawai Madhopur, Rajasthan Dr. Satish Kumar Sharma Assistant Conservator of Forests…
जयपुर में तेंदुआ-मानव संघर्ष बढ़ा क्यों? जब सब कहते हैं जंगल में कमी है, तो मेरा मानना है…
गंध सिर्फ़ गंध नहीं, स्मृति, पहचान और भविष्य की चेतावनी भी होती है। अगर हम इन सूक्ष्म संकेतों…
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For a child one of the first things that catch his attention is the flying and fluttering of…
राजस्थान में बाघ संरक्षण में रणथंभोर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और यहीं से राज्य के अन्य…
राजस्थान के मुख्य वन्यजीव संरक्षक ने रणथम्भौर से 25 बाघों के लापता होने की जांच के लिए एक…