राजस्थान में पहली बार जीवित मिला दुर्लभ इंडियन एग-ईटिंग स्नेक
16 अगस्त 2026 को चित्तौड़गढ़ की राशमी तहसील के हरनाथपुरा गाँव में लगभग दो फीट लंबा इंडियन एग-ईटिंग…
अरावली की श्रृंखला और उसका दक्षिणी छोर इस श्रेणी में हैं — माउंट आबू, उदयपुर, कुम्भलगढ़, सीतामाता, फुलवारी की नाल, सज्जनगढ़, राजसमंद, सिरोही, पाली और टॉडगढ़-रावली। 2020 से अब तक 52 लेख यहाँ दर्ज हैं, अधिकतर हिंदी में।
यहाँ राजस्थान का विशालतम बरगद है, दक्षिणी राजस्थान की उड़न गिलहरी, कचरे में भोजन तलाशते भालू, और कार्वी — जिसे यहाँ फूलों की रानी कहा गया है। इतिहास भी दर्ज है: माउंट आबू पर चार्ल्स मैकैन के दो महत्वपूर्ण प्रकाशन, तथा मेवाड़ भील कॉर्प्स और सर्पदंश के इलाज पर लिखी पहली पुस्तक। नई खोजें भी — जैसे लैंगलुरिलस उदयपुरेंसिस। वनरक्षक अंजू चौहान और भैराराम बिश्नोई के वृत्तांत इसी श्रेणी में हैं।
16 अगस्त 2026 को चित्तौड़गढ़ की राशमी तहसील के हरनाथपुरा गाँव में लगभग दो फीट लंबा इंडियन एग-ईटिंग…
Read in Hindi Nature is home to countless small creatures that often go unnoticed, and many of them…
Read in English आज भी प्रकृति में ऐसे अनेक छोटे जीव मौजूद हैं, जिनकी पहचान विज्ञान के लिए…
Butterflies are diurnal, non-biting, non-stinging, six – legged (3-paird) insects heaving 2 pairs of wings for flying. Both,…
A few years back Menar was not so known in the area as it is known today. Menar…
राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के सीतामाता वन्यजीव अभयारण्य में चींटियों की एक प्रजाति मिलती है जो घोंसले बनाती…
राजस्थान एक सूखा क्षेत्र है परन्तु कुछ सुंदर दिखने वाले नम क्षेत्रों के अनोखे पौधे भी यदा कदा…
यह जगह अनोखी है, हर कोना प्रकृति के रंग से रंगा हुआ और इतिहास की गाथाओं से…
राजस्थान के दक्षिणी हिस्से में कई ऑर्किड प्रजातियां पायी जाती हैं . राजस्थान कांटेदार और छोटी पत्तीदार पौधों…
राजस्थान के मरुस्थल की कठोरता की पराकाष्ठा इन छप्पन्न के पहाड़ों में देखने को मिलती हैं।यह ऊँचे तपते…