ग्रीन मुनिया: भारत की संकटग्रस्त एवं स्थानिक पक्षी
ग्रीन मुनिया लाल चोंच वाली, पृष्ठ भाग पर हरे रंग की भिन्न-भिन्न आभा लिये, छोटे आकार की ‘‘फिंच‘‘…
अरावली की श्रृंखला और उसका दक्षिणी छोर इस श्रेणी में हैं — माउंट आबू, उदयपुर, कुम्भलगढ़, सीतामाता, फुलवारी की नाल, सज्जनगढ़, राजसमंद, सिरोही, पाली और टॉडगढ़-रावली। 2020 से अब तक 52 लेख यहाँ दर्ज हैं, अधिकतर हिंदी में।
यहाँ राजस्थान का विशालतम बरगद है, दक्षिणी राजस्थान की उड़न गिलहरी, कचरे में भोजन तलाशते भालू, और कार्वी — जिसे यहाँ फूलों की रानी कहा गया है। इतिहास भी दर्ज है: माउंट आबू पर चार्ल्स मैकैन के दो महत्वपूर्ण प्रकाशन, तथा मेवाड़ भील कॉर्प्स और सर्पदंश के इलाज पर लिखी पहली पुस्तक। नई खोजें भी — जैसे लैंगलुरिलस उदयपुरेंसिस। वनरक्षक अंजू चौहान और भैराराम बिश्नोई के वृत्तांत इसी श्रेणी में हैं।
ग्रीन मुनिया लाल चोंच वाली, पृष्ठ भाग पर हरे रंग की भिन्न-भिन्न आभा लिये, छोटे आकार की ‘‘फिंच‘‘…
गुलाब रोजेसी कुल के रोज़ा वंश (Rosa Genus) की एक जानी पहचानी झाडी है। यूँ तो सार्वजनिक उद्यानों से…
ऑर्किड़ वानस्पतिक कुल ऑर्किडेसी के सदस्य होते हैं। वानस्पतिक जगत में कैक्टस एवं ऑर्किड अपने खूबसूरत फूलों के…
While working with farmers in Pali district I came across a local land race of wheat which is…
बरगद का राजस्थान में बहुत सम्मान होता है। बरगद को राजस्थान में बड़, बड़ला, वड़ला आदि स्थानीय नामों…