राजस्थान के एक खूबसूरत ऑर्किड का एक पेचीदा परागण
राजस्थान एक सूखा क्षेत्र है परन्तु कुछ सुंदर दिखने वाले नम क्षेत्रों के अनोखे पौधे भी यदा कदा…
फूल, उनके परागणकर्ता, और राजस्थान के ऑर्किड — जिनके यहाँ होने पर ही अक्सर लोगों को संदेह रहता है। दस में से नौ लेख हिंदी में हैं, और इनमें से अधिकांश अरावली व माउंट आबू से आते हैं।
यहाँ राज्य पुष्प रोहिड़ा और उसका रस चुराने वाला पर्पल सनबर्ड, अरावली के ऑर्किड तथा एक ऑर्किड की पेचीदा परागण प्रक्रिया, आबू पर्वत के गुलाबों का इतिहास, एलो ट्राईनर्विस, और आठ साल में एक बार खिलने वाली कार्वी पर लेख हैं।
राजस्थान एक सूखा क्षेत्र है परन्तु कुछ सुंदर दिखने वाले नम क्षेत्रों के अनोखे पौधे भी यदा कदा…
राजस्थान के दक्षिणी हिस्से में कई ऑर्किड प्रजातियां पायी जाती हैं . राजस्थान कांटेदार और छोटी पत्तीदार पौधों…
कर्वी (Storbilanthescallosa) दक्षिणी अरावली की कम ज्ञात झाड़ीदार पौधों की प्रजाति है। यह पश्चिमी घाट और सतपुड़ा पहाड़ियों…
अगस्त 1986 में एक दिन कमलनाथ पर्वत और फिर जाडापीपला गांव से जंगलों की पैदल यात्रा करता हुआ…
कार्वी, राजस्थान का एक झाड़ीदार पौधा जिसकी फितरत है आठ साल में एक बार फूल देना और फिर…
राजस्थान के बीकानेर जिले में पायी गई एक नई वनस्पति प्रजाति...
गुलाब रोजेसी कुल के रोज़ा वंश (Rosa Genus) की एक जानी पहचानी झाडी है। यूँ तो सार्वजनिक उद्यानों से…
ऑर्किड़ वानस्पतिक कुल ऑर्किडेसी के सदस्य होते हैं। वानस्पतिक जगत में कैक्टस एवं ऑर्किड अपने खूबसूरत फूलों के…
Sometimes the bright colors of the flowers and sometimes their sweet fragrance attracts bees, insects, butterflies and birds…
कभी फूलों के चटकीले रंग तो कभी उनकी मधुर सुगंध मधुमक्खियों, भँवरों, तितलियों और पक्षियों को अपनी ओर…