स्परफाउल: राजस्थान में मिलने वाली जंगली मुर्गियां
स्परफाउल, वे जंगली मुर्गियां जिनके पैरों में नाख़ून-नुमा उभार होते हैं राजस्थान के कई जिलों में उपस्थित हैं…
अरावली की श्रृंखला और उसका दक्षिणी छोर इस श्रेणी में हैं — माउंट आबू, उदयपुर, कुम्भलगढ़, सीतामाता, फुलवारी की नाल, सज्जनगढ़, राजसमंद, सिरोही, पाली और टॉडगढ़-रावली। 2020 से अब तक 52 लेख यहाँ दर्ज हैं, अधिकतर हिंदी में।
यहाँ राजस्थान का विशालतम बरगद है, दक्षिणी राजस्थान की उड़न गिलहरी, कचरे में भोजन तलाशते भालू, और कार्वी — जिसे यहाँ फूलों की रानी कहा गया है। इतिहास भी दर्ज है: माउंट आबू पर चार्ल्स मैकैन के दो महत्वपूर्ण प्रकाशन, तथा मेवाड़ भील कॉर्प्स और सर्पदंश के इलाज पर लिखी पहली पुस्तक। नई खोजें भी — जैसे लैंगलुरिलस उदयपुरेंसिस। वनरक्षक अंजू चौहान और भैराराम बिश्नोई के वृत्तांत इसी श्रेणी में हैं।
स्परफाउल, वे जंगली मुर्गियां जिनके पैरों में नाख़ून-नुमा उभार होते हैं राजस्थान के कई जिलों में उपस्थित हैं…
राजस्थान के हिल स्टेशन - माउंट आबू में भालू अक्सर कचरे के ढेरो के आसपास भोजन ढूंढते देखे…
राजस्थान के शुष्क वातावरण में पाए जाने वाला वृक्ष "इंद्रधौक" जो राज्य के बहुत ही सिमित वन क्षेत्रों…
हम सब मानते है की, शारीरिक दुर्बलता शिकारी जीवों के लिये उनकी जान की दुश्मन होती है। खासकर…
राजस्थान के चित्तौरगढ़ जिले की एक पिता पुत्र की जोड़ी ने अपनी सुबह की सैर...
अरावली, थार रेगिस्तान को उत्तरी राजस्थान तक सीमित रखे और विशाल जैव-विविधता को सँजोती पर्वत श्रृंखला हिमालय से…
माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य देश की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक, अरावली पर गुरु शिखर चोटी…
बोखा बाघ अब इतिहास का एक किस्सा भर लगता है, पर यह वह बाघ था जिसने डूंगरपुर राज्य…
फूलों से लदे पलाश के पेड़, यह आभास देते हैं मानो वन में अग्नि दहक रही है I…
कांठल प्रदेश में सागवान वनों से आच्छादित, तीन विभिन्न भूमि संरचनाओं (अरावली, विंध्यन और मालवा) के संगम पर…
खर्चिया, पाली जिले की खारी मिट्टी में उगने वाला लाल गेंहू जिसने राजस्थान के एक छोटे से गाँव…
सामान्यतया शुष्क माना जाने वाला राज्य राजस्थान विविध वन्यजीवों एवं वनस्पतियों से सम्पन्न है। इस लेख में राजस्थान…