वन रक्षक 5: वन्यजीव प्रेमी एवं रक्षक: स्वरूपाराम गोदारा
स्वरूपाराम, एक ऐसा वन रक्षक जिसने न सिर्फ जंगल की आग बुझाकर वन्यजीवों की जान बचाई है बल्कि…
अरावली की श्रृंखला और उसका दक्षिणी छोर इस श्रेणी में हैं — माउंट आबू, उदयपुर, कुम्भलगढ़, सीतामाता, फुलवारी की नाल, सज्जनगढ़, राजसमंद, सिरोही, पाली और टॉडगढ़-रावली। 2020 से अब तक 52 लेख यहाँ दर्ज हैं, अधिकतर हिंदी में।
यहाँ राजस्थान का विशालतम बरगद है, दक्षिणी राजस्थान की उड़न गिलहरी, कचरे में भोजन तलाशते भालू, और कार्वी — जिसे यहाँ फूलों की रानी कहा गया है। इतिहास भी दर्ज है: माउंट आबू पर चार्ल्स मैकैन के दो महत्वपूर्ण प्रकाशन, तथा मेवाड़ भील कॉर्प्स और सर्पदंश के इलाज पर लिखी पहली पुस्तक। नई खोजें भी — जैसे लैंगलुरिलस उदयपुरेंसिस। वनरक्षक अंजू चौहान और भैराराम बिश्नोई के वृत्तांत इसी श्रेणी में हैं।
स्वरूपाराम, एक ऐसा वन रक्षक जिसने न सिर्फ जंगल की आग बुझाकर वन्यजीवों की जान बचाई है बल्कि…
राजस्थान के जंगली मुर्गे (Grey Jungle fowl Gallus sonneratii) पर अग्रवाल (1978,1979), अनाम (2010), अली एवं रिप्ले (1983),…
अंजू, एक वन रक्षक की बेटी जिसे पूरा सिरोही जिला रेस्क्यू क्वीन के नाम से जानता है और…
अक्सर रात के समय फूलों के आसपास तितलियों जैसे दिखने वाले कुछ कीट मंडराते हुए देखने को मिलते…
प्रोफेसर ईश्वर प्रकाश थार रेगिस्तान के अत्यंत महत्वपूर्ण जीव वैज्ञानिक रहे है। इनके द्वारा किये गए अनुसन्धान ने…
अरावली राजस्थान की मुख्य पर्वत शृंखला है जो छोटे और मध्य आकर के वृक्षों से आच्छादित है, इन…
स्परफाउल, वे जंगली मुर्गियां जिनके पैरों में नाख़ून-नुमा उभार होते हैं राजस्थान के कई जिलों में उपस्थित हैं…
राजस्थान के हिल स्टेशन - माउंट आबू में भालू अक्सर कचरे के ढेरो के आसपास भोजन ढूंढते देखे…
राजस्थान के शुष्क वातावरण में पाए जाने वाला वृक्ष "इंद्रधौक" जो राज्य के बहुत ही सिमित वन क्षेत्रों…
हम सब मानते है की, शारीरिक दुर्बलता शिकारी जीवों के लिये उनकी जान की दुश्मन होती है। खासकर…