Conservation Issues

अंधविश्वास के कारण एक और जान गई

अंधविश्वास के कारण एक और जान गई

टाइगर वॉच के एक पर्यावरण शिक्षक धर्मसिंह गुर्जर कैलादेवी वन्यजीव अभयारण्य के पास बसे एक गाँव से गुजर रहे थे। रास्ते में उन्हें एक घर से महिला के…

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राजस्थान के बाघ अभयारण्यों से गाँवों के विस्थापन की तथ्यात्मक कहानी

राजस्थान के बाघ अभयारण्यों से गाँवों के विस्थापन की तथ्यात्मक कहानी

भारत के जंगलों में, जहाँ बाघ की दहाड़ के बीच हज़ारों परिवारों का शोर भी सुनाई देता है, वहाँ उनके खेत, उनके पशु, उनके देवता और उनके पुरखों के स्मारक…

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Gagron fort wall

राजस्थान के महलों एवं दुर्गों के वृक्ष

राजस्थान राज्य किलों, महलों, गढों और गढियों के लिए जाना जाता रहा है। राजा-महाराजा, राव-उमराव सब अपनी – अपनी हैसियत अनुसार किले व महल आदि बनवाते थे।…

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जयपुर में बढ़ते तेंदुआ–मानव संघर्ष के संदर्भ में एक अन्य दृष्टिकोण

जयपुर में बढ़ते तेंदुआ–मानव संघर्ष के संदर्भ में एक अन्य दृष्टिकोण

जयपुर में तेंदुआ-मानव संघर्ष बढ़ा क्यों? जब सब कहते हैं जंगल में कमी है, तो मेरा मानना है कि इंसानों ने अनजाने में तेंदुओं के लिए ‘सब कुछ’ इतना आसान…

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कदम तालाब

कदम तालाब

देश के ग्रामीण अंचलों में जगह-जगह तालाब (जोहड) मिलते हैं जिनका आर्थिक, धार्मिक, सांस्कृतिक महत्व तो है ही उनका पारिस्थतिकीय महत्व भी कम नहीं है। इन…

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राजस्थान की ख़ुशबू

राजस्थान की ख़ुशबू

गंध सिर्फ़ गंध नहीं, स्मृति, पहचान और भविष्य की चेतावनी भी होती है। अगर हम इन सूक्ष्म संकेतों को जान लें, तो सिर्फ़ हवा नहीं, हमारी ज़िंदगी भी फिर…

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पुस्तक समीक्षा: राजस्थान के बाघों का संसार

पुस्तक समीक्षा: राजस्थान के बाघों का संसार

पुस्तक का सारांश “राजस्थान के बाघों का संसार” अरावली और विंध्यांचल की अद्भुत जैव विविधता और पारिस्थितिकी पर केंद्रित एक अनूठी कृति है। यह पुस्तक न…

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रणथंभोर में बाघ संरक्षण की वर्तमान चुनौतियां

रणथंभोर में बाघ संरक्षण की वर्तमान चुनौतियां

राजस्थान में बाघ संरक्षण में रणथंभोर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और यहीं से राज्य के अन्य क्षेत्रों के लिए बाघों को भेजा जा रहा है। अक्सर यह…

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पारिस्थितिकी नोट्स 1: प्राकृतिक रूप से मरे बाघों का शव क्यों नहीं मिलता?

पारिस्थितिकी नोट्स 1: प्राकृतिक रूप से मरे बाघों का शव क्यों नहीं मिलता?

आज कल जब भी बाघ अभयारण्य से कोई बाघ गायब होते है तो मीडिया के लोग और वन्य जीव प्रेमी वन अधिकारियों को एक कटघरे में खड़ा कर देते है की मृत बाघ का शव…

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रणथम्भौर से गायब हुए बाघों का रहस्य

रणथम्भौर से गायब हुए बाघों का रहस्य

राजस्थान के मुख्य वन्यजीव संरक्षक ने रणथम्भौर से 25 बाघों के लापता होने की जांच के लिए एक जांच समिति का गठन किया है। प्रारंभिक निष्कर्षों के अनुसार,…

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वल्चर सेफ ज़ोन: गिद्धों को बचाने की एक पहल

वल्चर सेफ ज़ोन: गिद्धों को बचाने की एक पहल

गिद्ध, हमारे पारिस्थितिकी तंत्र के अभिन्न अंग हैं, जो सफाईकर्मी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि, बीते कुछ दशकों में गिद्धों की…

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शीध्र व शानदार हरियाली की चाह में मरती देशज जैव विविधता

शीध्र व शानदार हरियाली की चाह में मरती देशज जैव विविधता

आजकल हर आदमी को जल्दी से जल्दी, सघन, सदाबहार व आकर्षक हरियाली चाहिए। आम आदमी से लेकर स्वंयसेवी संस्थाऐं, नगरपालिका, नगर परिषद्, वनविभाग व अन्य सभी …

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राजस्थान में ऊँटो की नस्ल में विविधता एवं उनकी संख्या

राजस्थान में ऊँटो की नस्ल में विविधता एवं उनकी संख्या

राजस्थान में ऊँटो की नस्ल में विविधता एवं उनकी संख्या सन 1900 में, तंदुरुस्त ऊंटों पर बैठ के बीकानेर राज्य की एक सैन्य टुकड़ी, ब्रिटिश सेना की और से…

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सांभर झील और उसके लोग

“सांभर झील की पारिस्थितिकी पर अवैध नमक व्यापार का खतरा”

भारत के हर एक हिस्से से अंग्रेज अपना लाभ उठा रहे थे, कहीं से कॉफी, कहीं से चाय और कहीं से मसाले, राजस्थान से उन्हें आज्ञाकारी सैनिक और बुद्धिमान…

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‘’प्रकृति  की पुकार” पुस्तक

‘’प्रकृति  की पुकार” पुस्तक

‘’प्रकृति  की पुकार” पुस्तक एक अनुठी कृति है जो राजस्थान प्रशासनिक सेवा से जुड़े डॉ. सूरज सिंह नेगी एवम उनकी पत्नी वनस्थली विधापीठ  में एसोसिएट…

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गोडावण संरक्षण के संदर्भ में तीन संरक्षणवादियों के विचार  

गोडावण संरक्षण के संदर्भ में तीन संरक्षणवादियों के विचार  

  गोडावण कन्जर्वेशन में जब कैप्टिव ब्रीडिंग प्रोग्राम शुरू हुआ तो लगने लगा गोडावण के संरक्षण में अब गति आएगी,  परन्तु यह काम यही तक सिमित रह…

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