गोडावण के आसमान में तारो का जंजाल
अति संकटापन्न पक्षी प्रजाति गोडावण के पर्यावास में महत्वाकांक्षी अक्षय ऊर्जा की परियोजनाओं के कारण विद्युत् लाइनों का…
यह श्रेणी किसी एक प्रजाति पर नहीं, उन प्रक्रियाओं पर टिकी है जिनसे राजस्थान का परिदृश्य बनता और बदलता है — परागण, वन-प्रकार, बाहरी प्रजातियों का फैलाव, और पारिस्थितिक तंत्र से मिलने वाली सेवाएँ।
रोहिड़ा के फूल और उसका रस चुराता पर्पल सनबर्ड, अपने परिवेश के रंग में ढले ब्लैक-क्राउंड और ऐशी-क्राउंड स्पैरो-लार्क, सरिस्का बाघ अभयारण्य में भामर मधुमक्खी का अध्ययन, विलायती बबूल जैसी बाहरी प्रजातियों का असर, कैलादेवी अभयारण्य की सेवाओं का हिसाब, और आंवल-बांवल की वनस्पति से खिंची सीमा — कुल 16 लेख, ज़्यादातर हिन्दी में।
अति संकटापन्न पक्षी प्रजाति गोडावण के पर्यावास में महत्वाकांक्षी अक्षय ऊर्जा की परियोजनाओं के कारण विद्युत् लाइनों का…
स्थानीय वनस्पतिक समुदाय में सीमित प्रजातियों की संख्या के कारण शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क प्रदेश किसी भी बाह्य आक्रामक…
जाने वो कौनसे कारण है की लार्क की एक प्रजाति ऐशी-क्राउंड स्पैरो-लार्क...
अरावली, थार रेगिस्तान को उत्तरी राजस्थान तक सीमित रखे और विशाल जैव-विविधता को सँजोती पर्वत श्रृंखला हिमालय से…
Sometimes the bright colors of the flowers and sometimes their sweet fragrance attracts bees, insects, butterflies and birds…
कभी फूलों के चटकीले रंग तो कभी उनकी मधुर सुगंध मधुमक्खियों, भँवरों, तितलियों और पक्षियों को अपनी ओर…