जलवायु व पारिस्थितिकी

यह श्रेणी किसी एक प्रजाति पर नहीं, उन प्रक्रियाओं पर टिकी है जिनसे राजस्थान का परिदृश्य बनता और बदलता है — परागण, वन-प्रकार, बाहरी प्रजातियों का फैलाव, और पारिस्थितिक तंत्र से मिलने वाली सेवाएँ।

रोहिड़ा के फूल और उसका रस चुराता पर्पल सनबर्ड, अपने परिवेश के रंग में ढले ब्लैक-क्राउंड और ऐशी-क्राउंड स्पैरो-लार्क, सरिस्का बाघ अभयारण्य में भामर मधुमक्खी का अध्ययन, विलायती बबूल जैसी बाहरी प्रजातियों का असर, कैलादेवी अभयारण्य की सेवाओं का हिसाब, और आंवल-बांवल की वनस्पति से खिंची सीमा — कुल 16 लेख, ज़्यादातर हिन्दी में।

गोडावण के आसमान में तारो का जंजाल
जलवायु व पारिस्थितिकी

गोडावण के आसमान में तारो का जंजाल

अति संकटापन्न पक्षी प्रजाति गोडावण के पर्यावास में महत्वाकांक्षी अक्षय ऊर्जा की परियोजनाओं के कारण विद्युत् लाइनों का…

अरावली की आभा: मामेर से आमेर तक
जलवायु व पारिस्थितिकी

अरावली की आभा: मामेर से आमेर तक

अरावली, थार रेगिस्तान को उत्तरी राजस्थान तक सीमित रखे और विशाल जैव-विविधता को सँजोती पर्वत श्रृंखला हिमालय से…