मानव-वन्यजीव संघर्ष

जहाँ मनुष्य और वन्यजीव एक ही ज़मीन पर रहते हैं, वहाँ टकराव भी होता है। यह श्रेणी उसे सीधे देखती है — सर्पदंश, मवेशी और फ़सल का नुकसान, शहरों तक पहुँच आए जानवर, और वे मान्यताएँ जो इस रिश्ते को आकार देती हैं। 21 लेख, ज़्यादातर हिन्दी में।

इनमें राजस्थान के एक शहर में मगरमच्छ के साथ रोज़ का सामना, कचरे में भोजन तलाशते भालू, रसेल वाइपर और फुरसा से जुड़े सर्पदंश के मुद्दे, मेवाड़ भील कॉर्प्स की सर्पदंश-चिकित्सा पर लिखी पहली पुस्तक, रेगिस्तानी टिड्डी के दल, बूंदी में रुडयार्ड किपलिंग के दर्ज किए गए टकराव, और वन्यजीवों से टक्कर लेने वाली ‘नारी’ गाय की नस्ल पर लेख हैं।

कैमरा ट्रैपिंग के माहिर वनरक्षक: भैराराम बिश्नोई
मानव-वन्यजीव संघर्ष

कैमरा ट्रैपिंग के माहिर वनरक्षक: भैराराम बिश्नोई

"भैराराम, एक ऐसे वनरक्षक जिन्हें कैमरा ट्रैपिंग कर वन्यजीवों की गतिविधियों की निगरानी करने तथा स्कूली छात्रों को…

कैलादेवी अभ्यारण्य बाघों के लिए संभावनाओं की भूमि
मानव-वन्यजीव संघर्ष

कैलादेवी अभ्यारण्य बाघों के लिए संभावनाओं की भूमि

कैलादेवी अभ्यारण्य वर्षों से विश्व प्रसिद्ध रणथम्भोर टाइगर रिज़र्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है परन्तु सभी ने…

Hamir – The Fallen Prince of Ranthambhore
मानव-वन्यजीव संघर्ष

Hamir – The Fallen Prince of Ranthambhore

यह पुस्तक श्री अर्जुन आनंद द्वारा लिखित एक कॉफी टेबल फोटोग्राफी पुस्तक है जो विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर नेशनल…