राजस्थान में जल संरक्षण की परम्परा
जल संरक्षण का सूक्ष्मता से अध्ययन के लिए आप शेखावाटी के अद्धभुत जोहडों और कुंडो की संस्कृति को…
क्षेत्र वृत्तांत वे लेख हैं जो सीधे मैदान से आते हैं — किसी यात्रा, अवलोकन या मुलाक़ात का पहले हाथ का विवरण, प्रायः देखने के कुछ ही दिनों बाद लिखा हुआ। यहाँ अभयारण्यों का भूगोल, वनकर्मियों का काम और पारंपरिक ज्ञान बराबर जगह पाते हैं।
41 लेखों में 36 हिंदी में हैं। थार का कंकरनुमा मेंटिस, सांभर झील और उसका संरक्षण, शेखावाटी के पारंपरिक जलाशय, रसेल वाइपर के नरों का द्वंद्व, फुलवारी की नाल की यात्रा, टॉडगढ़-रावली अभयारण्य, गोडावण संरक्षण में तैनात पहली महिला वनरक्षक और वनरक्षक राजाराम मीणा — सब यहीं दर्ज हैं।
जल संरक्षण का सूक्ष्मता से अध्ययन के लिए आप शेखावाटी के अद्धभुत जोहडों और कुंडो की संस्कृति को…
थार के रेगिस्तान में एक रहस्यमय सांप सोये हुए लोगों को बिना डसे ही मारने के लिए जाना…
अरावली, थार रेगिस्तान को उत्तरी राजस्थान तक सीमित रखे और विशाल जैव-विविधता को सँजोती पर्वत श्रृंखला हिमालय से…
“जनता जैव विविधता रजिस्टर “ हमारी जैव विविधता और पारंपरिक ज्ञान को जानने, उपयोग करने और सुरक्षित रखने के…
क्या आप जाने है राजस्थान में एक क्रेटर है जो एक विशालकाय उल्कापिंड के पृथ्वी से टकराने से…
Novel Corona virus may not be so noble for us, but the way it has changed us is…
माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य देश की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक, अरावली पर गुरु शिखर चोटी…
रेतीले धोरो, सुखी पहाड़ियों एवं कंटीली झाड़ियों से घिरी सांभर झील कई मौसमी नदियों और नालों से आये…
राजस्थान में विंध्यन पर्वतमाला कि वन पट्टिका के अंतिम वन खंड के रूप में स्थित शेरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य…
कांठल प्रदेश में सागवान वनों से आच्छादित, तीन विभिन्न भूमि संरचनाओं (अरावली, विंध्यन और मालवा) के संगम पर…