पक्षी
संकटापन्न प्रजातियों की शरणस्थली: भैंसरोडगढ़ अभयारण्य
राजस्थान के प्रसिद्ध इतिहासकार कर्नल जेम्स टॉड ने भैंसरोडगढ़ को “राजस्थान के स्वर्ग” की संज्ञा दी और कहा…
क्षेत्र वृत्तांत वे लेख हैं जो सीधे मैदान से आते हैं — किसी यात्रा, अवलोकन या मुलाक़ात का पहले हाथ का विवरण, प्रायः देखने के कुछ ही दिनों बाद लिखा हुआ। यहाँ अभयारण्यों का भूगोल, वनकर्मियों का काम और पारंपरिक ज्ञान बराबर जगह पाते हैं।
41 लेखों में 36 हिंदी में हैं। थार का कंकरनुमा मेंटिस, सांभर झील और उसका संरक्षण, शेखावाटी के पारंपरिक जलाशय, रसेल वाइपर के नरों का द्वंद्व, फुलवारी की नाल की यात्रा, टॉडगढ़-रावली अभयारण्य, गोडावण संरक्षण में तैनात पहली महिला वनरक्षक और वनरक्षक राजाराम मीणा — सब यहीं दर्ज हैं।
राजस्थान के प्रसिद्ध इतिहासकार कर्नल जेम्स टॉड ने भैंसरोडगढ़ को “राजस्थान के स्वर्ग” की संज्ञा दी और कहा…
मार्च महीने की एक सुबह थार के मरुस्थल में मैंने एक शानदार मरुस्थलीय पक्षी ग्रेटर हूपु लार्क (Alaemon…