वन रक्षक 3: रेस्क्यू क्वीन: अंजू चौहान
अंजू, एक वन रक्षक की बेटी जिसे पूरा सिरोही जिला रेस्क्यू क्वीन के नाम से जानता है और…
संरक्षण किसी संस्था का नहीं, लोगों का काम है। यह श्रेणी उन्हीं लोगों और समुदायों के बारे में है — वन रक्षक, शोधकर्ता, फ़ोटोग्राफ़र, अधिकारी, और वे परिवार जिनकी पीढ़ियाँ जंगल के साथ बीती हैं। 48 लेख, लगभग दो-तिहाई हिन्दी में।
‘वन रक्षक’ श्रृंखला में अभिषेक सिंह शेखावत और स्वरूपाराम गोदारा जैसे मैदानी कर्मचारियों के वृत्तांत हैं। इनके अलावा फतेह सिंह राठौड़, आदित्य ‘डिक्की’ सिंह, डॉ. जी.वी. रेड्डी, माउंट आबू पर शोध करने वाले चार्ल्स मेकैन, नाथू बावरिया के परिवार की चार पीढ़ियों, और करौली की ठेकरा गौशाला जैसे सामुदायिक प्रयासों पर लेख शामिल हैं।
अंजू, एक वन रक्षक की बेटी जिसे पूरा सिरोही जिला रेस्क्यू क्वीन के नाम से जानता है और…
राजाराम, एक ऐसे वन रक्षक जिन्हे वन में पाए जाने वाली जैव-विविधता में घनिष्ट रुचि है जिसके चलते…
अभिषेक एक सक्षम एवं संपन्न परिवार में जन्म लेने के बावजूद, अपने लिए प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण जैसे…
राजस्थान मे वानिकी साहित्य सृजन के तीन बडे स्त्रोत है - वन अधिकारीयों द्वारा स्वतंत्र लेखन, विभागीय स्तर…
प्रोफेसर ईश्वर प्रकाश थार रेगिस्तान के अत्यंत महत्वपूर्ण जीव वैज्ञानिक रहे है। इनके द्वारा किये गए अनुसन्धान ने…
This book is majorly based on Abhikram’s photography expeditions to Ranthambhore Tiger Reserve and Jhalana Leopard Reserve, and…
यह पुस्तक अभिक्रम शेखावत के 4 सालों के रणथम्भौर नेशनल पार्क व झालाना लेपर्ड पार्क के वन्यजीव फोटोग्राफी…
To study water conservation closely, you can base the culture of the amazing Johads and Kunds of Shekhawati……
जल संरक्षण का सूक्ष्मता से अध्ययन के लिए आप शेखावाटी के अद्धभुत जोहडों और कुंडो की संस्कृति को…
राजस्थान के बीकानेर जिले में पायी गई एक नई वनस्पति प्रजाति...
बोखा बाघ अब इतिहास का एक किस्सा भर लगता है, पर यह वह बाघ था जिसने डूंगरपुर राज्य…
ये कहानी है राजस्थान के मरुस्थल क्षेत्र में स्थित एक जिले - बीकानेर की जो कभी एक स्वतंत्र…