90 वर्ष पूर्व बाघों को फिर से बसाने की दास्तान
बोखा बाघ अब इतिहास का एक किस्सा भर लगता है, पर यह वह बाघ था जिसने डूंगरपुर राज्य…
संरक्षण किसी संस्था का नहीं, लोगों का काम है। यह श्रेणी उन्हीं लोगों और समुदायों के बारे में है — वन रक्षक, शोधकर्ता, फ़ोटोग्राफ़र, अधिकारी, और वे परिवार जिनकी पीढ़ियाँ जंगल के साथ बीती हैं। 48 लेख, लगभग दो-तिहाई हिन्दी में।
‘वन रक्षक’ श्रृंखला में अभिषेक सिंह शेखावत और स्वरूपाराम गोदारा जैसे मैदानी कर्मचारियों के वृत्तांत हैं। इनके अलावा फतेह सिंह राठौड़, आदित्य ‘डिक्की’ सिंह, डॉ. जी.वी. रेड्डी, माउंट आबू पर शोध करने वाले चार्ल्स मेकैन, नाथू बावरिया के परिवार की चार पीढ़ियों, और करौली की ठेकरा गौशाला जैसे सामुदायिक प्रयासों पर लेख शामिल हैं।
बोखा बाघ अब इतिहास का एक किस्सा भर लगता है, पर यह वह बाघ था जिसने डूंगरपुर राज्य…
In the year 1980, India's Environment Minister Sh. Digvijay Sinh wrote in a book that- "Harshvardhan is singularly…
वर्ष 1980 में भारत के पर्यावरण मंत्री दिग्विजय सिंह ने एक पुस्तक में लिखा है कि, ''हर्षवर्धन ने…
Victor Jacquemont (1801-1832), a French botanist, geologist and explorer, reached the pinnacle of success in a very short…
जीवन के छोटे काल खंड में सफलता के शिखर को छूनेवाला फ्रांस से आया आधुनिक वनस्पति अन्वेषण कर्ता…
In the year 1941, a biologist came to vacation at Mt. Abu, but ended up cementing his place…
वर्ष 1941 में माउंट आबू में छुट्टी मनाने आया एक बायोलॉजिस्ट वहां की जैव- विविधता पर शोध पत्र…
"आइये जानते हैं श्री सोहनराम जाट के बारे में, एक ऐसे वनरक्षक के बारे में जिन्हें अपने परिवार…
"भैराराम, एक ऐसे वनरक्षक जिन्हें कैमरा ट्रैपिंग कर वन्यजीवों की गतिविधियों की निगरानी करने तथा स्कूली छात्रों को…
सुखपाली, एक ऐसी महिला वनरक्षक जिसने सुदासरी जैसे कठिन परिस्थितियों वाले क्षेत्र में अकेले रहकर उठाई गोडावण के…
स्वरूपाराम, एक ऐसा वन रक्षक जिसने न सिर्फ जंगल की आग बुझाकर वन्यजीवों की जान बचाई है बल्कि…
कमलेश, बिश्नोई समाज का वह बालक जिसने अपने दादाजी के साथ ऊंट चराते हुए वन्यजीवों के बारे में…