औपनिवेशिक अवधारणा एवं संकटग्रस्त परिदृश्य : बाह्य आक्रामक प्रजातियों का पारम्परिक पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रभाव
स्थानीय वनस्पतिक समुदाय में सीमित प्रजातियों की संख्या के कारण शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क प्रदेश किसी भी बाह्य आक्रामक…
थार का पूरा भूभाग इस श्रेणी में आता है — जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और जोधपुर, डेजर्ट नेशनल पार्क, ताल छापर, चूरू और नागौर। 2020 से अब तक के 47 लेख यहाँ हैं और लगभग सभी हिंदी में लिखे गए हैं; अंग्रेज़ी में गिनी-चुनी सामग्री ही है।
गोडावण और उसके आसमान में फैला बिजली के तारों का जंजाल, जोड़बीड़ का गिद्ध आवास, साँड़ा जिस पर मरुस्थल की भोज्य श्रृंखला टिकी है, राज्य पुष्प रोहिड़ा की परागण प्रक्रिया, बूथाकस अग्रवाली नाम का सुनहरा बिच्छू, और राजस्थान की ऊँट नस्लों की विविधता — विषय इतने ही बिखरे हुए हैं। स्वरूपाराम गोदारा जैसे वनरक्षकों के वृत्तांत भी यहीं मिलते हैं।
स्थानीय वनस्पतिक समुदाय में सीमित प्रजातियों की संख्या के कारण शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क प्रदेश किसी भी बाह्य आक्रामक…
To study water conservation closely, you can base the culture of the amazing Johads and Kunds of Shekhawati……
जल संरक्षण का सूक्ष्मता से अध्ययन के लिए आप शेखावाटी के अद्धभुत जोहडों और कुंडो की संस्कृति को…
थार के रेगिस्तान में एक रहस्यमय सांप सोये हुए लोगों को बिना डसे ही मारने के लिए जाना…
जाने वो कौनसे कारण है की लार्क की एक प्रजाति ऐशी-क्राउंड स्पैरो-लार्क...
बड़ी तादाद और विस्तृत क्षेत्र में पाए जाने वाले मानसून मार्ग प्रवासी पक्षी, रूफस-टेल्ड स्क्रब-रॉबिन अपने सुन्दर पंखो...
राजस्थान के बीकानेर जिले में पायी गई एक नई वनस्पति प्रजाति...
पिम्पा, राजस्थान के अत्यंत शुष्क वातावरण में उगने वाला सलाद पौधा जो भू उपयोग में आये बदलाव के…
साँड़ा, पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तान में पायी जाने वाली छिपकली, जो मरुस्थलीय खाद्य श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण भूमिका…
ये कहानी है राजस्थान के मरुस्थल क्षेत्र में स्थित एक जिले - बीकानेर की जो कभी एक स्वतंत्र…