ततैये जो झींगुर की आत्मा छीन लेते हैं
गहरे हरे रंग के पन्ने की मानिंद चमकीले यह ततैये बड़े झींगुरों (Cricket) को अपने विशेष विष से…
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प्राणी इस साइट की मूल श्रेणी है, जिसके नीचे राजस्थान के जीव-जगत की उप-श्रेणियाँ आती हैं — स्तनधारी, पक्षी, सरीसृप व उभयचर, तथा कीट व अकशेरुकी। लेख इन्हीं उप-श्रेणियों में दर्ज होते हैं; यहाँ सीधे बहुत कम सामग्री रखी जाती है।
इस स्तर पर वही चार लेख हैं जो किसी एक समूह की बजाय प्राणी जीवन को समग्र रूप से देखते हैं — राजस्थान के एंडेमिक प्राणी, “प्राणी प्रमाण” यानी जीवों के छोड़े चिह्न कैसे पढ़े जाएँ, और Faunal Diversity of Rajasthan की समीक्षा।
गहरे हरे रंग के पन्ने की मानिंद चमकीले यह ततैये बड़े झींगुरों (Cricket) को अपने विशेष विष से…
गुनगुनाते यह कीट भारत के प्रेम गीतों में अक्सर याद किये जाते हैं, इनका फूलों के आसपास मंडराना…
किस प्रकार प्रेइंग मैंटिस के निम्फ अपने आपको चींटो से सुरक्षित रखते हैं? प्रेइंग मैंटिस एक शिकारी कीट…
एक गीदड़ माँ, अपनी मांद से कुछ दूर ऊंचाई पर बैठ कर आसपास का नज़ारा देख रही थी…
Indian Peafowl has been a prominent feature of the landscape of Rajasthan through the ages. There are many…
जाने कैसे खुद को बिमारी के संक्रमण से बचाने के लिए मोर करते हैं सोशल डिस्टेंसिंग और बन…
केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान राजस्थान में स्थित एक प्रसिद्ध पक्षी अभयारण्य है। यहाँ विभिन्न प्रकार के पक्षी तथा…
"भैराराम, एक ऐसे वनरक्षक जिन्हें कैमरा ट्रैपिंग कर वन्यजीवों की गतिविधियों की निगरानी करने तथा स्कूली छात्रों को…
बाघों के मध्य होने वाले संघर्ष के बारे में तो सभी जानते हैं परन्तु कई बार कुछ तनाव…
हम जब वन क्षेत्र मे जाते हैं तो उस प्राकृतिक आवास के वन्य प्राणी हमें कहीं न कहीं,…
स्तनधारी जीवों की तरह पक्षी भी अपनी क्षेत्र सीमा (Territory) बनाते हैं और यदि किसी अन्य पक्षी द्वारा…
जानते है किस प्रकार पक्षी समूह "बटनक्वेल" में नर और मादा अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियाँ निभाते है... हम सभी…