फतेह सिंह राठौड़: टाइगरमैन
मजबूत इरादों के धनी, प्रकृति प्रेमी, दूरदर्शी सोच रखने वाले इस इंसान ने रणथम्भौर के लिए हर चुनौती…
इतिहास के पन्ने उन लेखों के लिए है जो पुराने दस्तावेज़ों, यात्रा-वृत्तांतों और लोगों की स्मृति से राजस्थान के वन्यजीव का बीता हुआ हाल निकालते हैं — कौन सी प्रजाति कहाँ थी, किसने उसे दर्ज किया, और संरक्षण के आज के तौर-तरीके कहाँ से आए।
इनमें डूंगरपुर राज्य में हुआ बाघों का पुनःस्थापन है, फतेह सिंह राठौड़ जैसे लोग, रुडयार्ड किपलिंग और बूंदी में मानव-वन्यजीव संघर्ष, राजस्थान से खो चुके तीन चमगादड़ों की पहेली, एक खास बटेर और एक विवादित ब्रिटिश खोजकर्ता, और रणथम्भौर के नामों का सफ़र। कुल 53 लेख, हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में।
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आकल जीवाश्म उद्यान (Akal Fossil Park or Akal Wood Fossil Park) राजस्थान का एक दर्शनीय स्थान है। यह…
Fateh Singh Rathore, a world-renowned expert on wild tigers, was the man behind the development of Ranthambhore, then…