राजस्थान में डायनासोर की खोजे और संभावनाएं
राजस्थान में किस प्रकार के डायनासोर मिलते थे, यह विषय हर किसी के लिए अत्यंत जिज्ञासा का विषय…
इतिहास के पन्ने उन लेखों के लिए है जो पुराने दस्तावेज़ों, यात्रा-वृत्तांतों और लोगों की स्मृति से राजस्थान के वन्यजीव का बीता हुआ हाल निकालते हैं — कौन सी प्रजाति कहाँ थी, किसने उसे दर्ज किया, और संरक्षण के आज के तौर-तरीके कहाँ से आए।
इनमें डूंगरपुर राज्य में हुआ बाघों का पुनःस्थापन है, फतेह सिंह राठौड़ जैसे लोग, रुडयार्ड किपलिंग और बूंदी में मानव-वन्यजीव संघर्ष, राजस्थान से खो चुके तीन चमगादड़ों की पहेली, एक खास बटेर और एक विवादित ब्रिटिश खोजकर्ता, और रणथम्भौर के नामों का सफ़र। कुल 53 लेख, हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में।
राजस्थान में किस प्रकार के डायनासोर मिलते थे, यह विषय हर किसी के लिए अत्यंत जिज्ञासा का विषय…
In the year 1980, India's Environment Minister Sh. Digvijay Sinh wrote in a book that- "Harshvardhan is singularly…
वर्ष 1980 में भारत के पर्यावरण मंत्री दिग्विजय सिंह ने एक पुस्तक में लिखा है कि, ''हर्षवर्धन ने…
" What on earth are you looking at that dog for ?!", said an irate tourist, as his…
अरे कुत्ते को क्या देख रहे हो ? एक पर्यटन बोला और बेचारा टूरिस्ट गाडी वाला उसे छोड़…
Victor Jacquemont (1801-1832), a French botanist, geologist and explorer, reached the pinnacle of success in a very short…
जीवन के छोटे काल खंड में सफलता के शिखर को छूनेवाला फ्रांस से आया आधुनिक वनस्पति अन्वेषण कर्ता…
Colonel Kesri Singh, the famed tiger hunter from Rajasthan wrote that when the Maharaja of Datia (Madhya Pradesh),…
राजस्थान के माहिर बाघ शिकारी कर्नल केसरी सिंह लिखते हैं कि, जब दतिया महाराज श्री गोबिंद सिंह शिकार…
In the year 1941, a biologist came to vacation at Mt. Abu, but ended up cementing his place…