नाथू बावरिया की चार पीढ़ियों के संघर्ष
कर्नल केसरी सिंह ने अपनी एक पुस्तक में रणथम्भोर के एक स्थानीय व्यक्ति नाथू बावरिया का जिक्र किया…
इतिहास के पन्ने उन लेखों के लिए है जो पुराने दस्तावेज़ों, यात्रा-वृत्तांतों और लोगों की स्मृति से राजस्थान के वन्यजीव का बीता हुआ हाल निकालते हैं — कौन सी प्रजाति कहाँ थी, किसने उसे दर्ज किया, और संरक्षण के आज के तौर-तरीके कहाँ से आए।
इनमें डूंगरपुर राज्य में हुआ बाघों का पुनःस्थापन है, फतेह सिंह राठौड़ जैसे लोग, रुडयार्ड किपलिंग और बूंदी में मानव-वन्यजीव संघर्ष, राजस्थान से खो चुके तीन चमगादड़ों की पहेली, एक खास बटेर और एक विवादित ब्रिटिश खोजकर्ता, और रणथम्भौर के नामों का सफ़र। कुल 53 लेख, हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में।
कर्नल केसरी सिंह ने अपनी एक पुस्तक में रणथम्भोर के एक स्थानीय व्यक्ति नाथू बावरिया का जिक्र किया…
The Rajasthan rock bush quail is believed to be endemic to the state. It was discovered by a…
राजस्थान में बटेर की खास उप प्रजाति मिलती है और कहा जाता है यह राजस्थान की एक स्थानिक…
Today, to stay away from antiquated first aid treatments for snakebites is repeated ad infinitum (and with good reason). The…
आजकल अक्सर सांप के काटे जाने पर पुराने ज़माने में सुझाये गये प्राथमिक उपचारों से दूर रहने के…
During the Indo-Pakistan War of 1971, a small contingent of the Indian Armed Forces (120 soldiers) held a…
भारत - पाकिस्तान की 1971 की लड़ाई में, भारत की एक छोटी टुकड़ी (120 सैनिक ) ने पाक…
While the tiger named Bokha is little more than a forgotten historical anecdote today, it is this tiger that makes…
बोखा बाघ अब इतिहास का एक किस्सा भर लगता है, पर यह वह बाघ था जिसने डूंगरपुर राज्य…
What kind of dinosaurs roamed Rajasthan? This is a matter of great curiosity. The facts literally remained buried for…