ग्रेटर हूपु लार्क: तपते मरुस्थल का शोमैन
ग्रेटर हूपु लार्क, रेगिस्तान में मिलने वाली एक बड़े आकार की लार्क, जो उड़ते समय बांसुरी सी मधुर…
प्रजाति परिचय उन लेखों की श्रेणी है जो एक बार में एक ही जीव या पौधे पर टिकते हैं — पहचान, आवास, व्यवहार और राजस्थान में उसकी उपस्थिति। यह विषय नहीं, लेखन का ढंग है; इसीलिए यहाँ स्तनधारी, पक्षी, सरीसृप, कीट और वनस्पति सब एक साथ मिलते हैं।
113 लेखों में अधिकांश हिंदी में हैं। रोहिड़ा की परागण प्रक्रिया, ग्रीन मुनिया, इंडियन स्पॉटेड-क्रीपर, राजस्थान में मिलने वाले कछुए, ब्लैक-क्राउंड और ऐशी-क्राउंड स्पैरो-लार्क के रंगों का अंतर, हिमालयन तथा यूरेशियन ग्रिफ़ॉन, सियागोश, तुलसी और मीठे पानी के स्पंज — सब इसी श्रेणी में दर्ज हैं।
ग्रेटर हूपु लार्क, रेगिस्तान में मिलने वाली एक बड़े आकार की लार्क, जो उड़ते समय बांसुरी सी मधुर…
स्थानीय वनस्पतिक समुदाय में सीमित प्रजातियों की संख्या के कारण शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क प्रदेश किसी भी बाह्य आक्रामक…
वर्तमान में संरक्षित क्षेत्रों (अभयारण्य / राष्ट्रीय उद्यान) को बाघ अभ्यारण्य में परिवर्तित करने की लगातार मांग हो…
There is a persistent demand for converting Protected Areas (sanctuaries/ national park) into tiger reserves in India is…
स्परफाउल, वे जंगली मुर्गियां जिनके पैरों में नाख़ून-नुमा उभार होते हैं राजस्थान के कई जिलों में उपस्थित हैं…
राजस्थान के शुष्क वातावरण में पाए जाने वाला वृक्ष "इंद्रधौक" जो राज्य के बहुत ही सिमित वन क्षेत्रों…
जानिये राजस्थान के दुर्लभ नारंगी रंग के चमगादड़ों के बारे में जिन्हे चिड़िया के घोंसलों में रहना पसंद…
कुत्तों से फैला कैनाइन मोर्बिली वायरस या कैनाइन डिस्टेंपर वायरस शेर और बाघ के लिए खतरा बना गया…
"कुत्ते निःसंदेह अपने जंगली रिश्तेदारों (भेड़िये एवं जंगली कुत्ते) के समान कुशल शिकारी नहीं होते परंतु फिर भी…
जाने वो कौनसे कारण है की लार्क की एक प्रजाति ऐशी-क्राउंड स्पैरो-लार्क...