सियार, उसका शिकार और सतर्कता
रणथम्भोर के मुख्य बाघ क्षेत्र में जहाँ सिर्फ बाघों का दबदबा है में सियार (Golden Jackal) जैसे कुछ…
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प्राणी इस साइट की मूल श्रेणी है, जिसके नीचे राजस्थान के जीव-जगत की उप-श्रेणियाँ आती हैं — स्तनधारी, पक्षी, सरीसृप व उभयचर, तथा कीट व अकशेरुकी। लेख इन्हीं उप-श्रेणियों में दर्ज होते हैं; यहाँ सीधे बहुत कम सामग्री रखी जाती है।
इस स्तर पर वही चार लेख हैं जो किसी एक समूह की बजाय प्राणी जीवन को समग्र रूप से देखते हैं — राजस्थान के एंडेमिक प्राणी, “प्राणी प्रमाण” यानी जीवों के छोड़े चिह्न कैसे पढ़े जाएँ, और Faunal Diversity of Rajasthan की समीक्षा।
रणथम्भोर के मुख्य बाघ क्षेत्र में जहाँ सिर्फ बाघों का दबदबा है में सियार (Golden Jackal) जैसे कुछ…
यह चित्र कथा है "ग्रे मोंगूज़ (Grey Mongoose Herpestes edwardsii)" और "गोह (Monitor Lizard Varanus bengalensis)" के एक…
यह मार्मिक आलेख ऑसप्रे प्रजाति के पक्षी पर हुई शोध से सम्बंधित है, इस अध्ययन ने जहाँ कई…
नर बाघ भी अपने शावकों के प्रति प्रेम दर्शाते हैं। रणथम्भोर में एक बाघ, मादा के क्षेत्र में…
कैलादेवी अभ्यारण्य वर्षों से विश्व प्रसिद्ध रणथम्भोर टाइगर रिज़र्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है परन्तु सभी ने…
कई बार छोटे पक्षियों को बड़े शिकारी पक्षी (और कभी-कभी स्तनधारी) पर लगातार हमला करते हुए देखा जाता…
स्थानीय रूप से “खड़मोर” कहलाये जाने वाला, लेसर फ्लोरिकन (Sypheotides indica) भारतीय उपमहाद्वीप की स्थानिक तथा एक लुप्तप्राय…
अक्सर रात के समय फूलों के आसपास तितलियों जैसे दिखने वाले कुछ कीट मंडराते हुए देखने को मिलते…
"सरिस्का टाइगर रिजर्व में "भामर मधुमक्खी" द्वारा छत्ता बनाने के लिए बरगद कुल के बड़े एवं पुराने पेड़ों…
राजस्थान स्थित मरुभूमि राष्ट्रीय उद्यान के एक फोरेस्टर ने रेड सेंड बोआ (Eryx johnii) और सांडा छिपकली (Saara…