पक्षियों में ल्यूसिज्म

कई बार आपने वन्यजीवों के समूहों के बीच सफ़ेद या रंगहीन सदस्य को देखा होगा। जिसका रंग उसके साथियों जैसा न होकर बल्कि सफ़ेद होता है। ऐसे जीवों को हम एल्बिनो कहते हैं। परन्तु सभी रंगहीन जीव एल्बिनो नहीं बल्कि कई बार वे लीयूसिस्टिक (Leucistic) भी होते हैं। ल्यूसिज्म जेनेटिक म्युटेशन (Genetic Mutation) के कारण होने वाली एक असामान्य स्थिति है जिसमें मेलेनिन पिग्मेंट जीव के शरीर में ठीक से जमा नहीं हो पाता है।

जहाँ एक ओर ऐल्बुनिज़्म में जीव में पूरी तरह से रंगहीनता आ जाती है वहीँ दूसरी ओर लीयूसिस्म जीव को पूरी तरह सफ़ेद नहीं करता बल्कि कभी- कभी ये जीव हल्के रंग के भी हो सकते हैं और ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि ल्यूसिज्म की स्थिति में जीवों में मेलेनिन पूरी तरह से खत्म नहीं होता है। लीयूसिस्टिक जीवों की आँखें सामान्य रंग की होती हैं जबकि एल्बिनो जीवों की आँखे गुलाबी या लाल होती हैं।

सामान्य लार्ज ग्रे बैब्लर (Photo: Dr. Renu Kohli)

इस कथा चित्र में लीयूसिस्टिक लार्ज ग्रे बैब्लर की तस्वीरें दी गई हैं जिसे जोधपुर में देखा गया था।

(Photo: Mr. Niramay Upadhyay)

और लीयूसिस्टिक रेड वेंटेड बुलबुल की तस्वीरें दी गई हैं जिसे सबलपुरा गाँव, बेदला, उदयपुर में देखा गया था।

Discussion

4 comments

  1. DHARMENDRA KHANDAL

    Nice info Renuji

  2. Dr. Shweta Shrotriya

    Thanks for sharing the images and information ma’am, great learning experience

  3. satish kumar jain

    very nicely described

Leave a comment

Your email address will not be published.