वन्यजीव जगत में स्थान के लिए संघर्ष सिर्फ बड़े स्तनधारियों में ही नहीं बल्कि पक्षियों में भी देखा जाता है। पक्षियों को भी अधिक भोजन, सुरक्षा, प्रजनन के लिए साथी आदि जैसे सभी संसाधनों को ध्यान में रखते हुए एक बेहतर स्थान की जरूरत होती है तथा पक्षी अपने ऐसे स्थानों की रक्षा भी करते हैं। कई बार इन स्थानों के लिए पक्षियों में अपनी प्रजाति के सदस्यों के साथ संघर्ष भी देखे जाते हैं। ऐसी ही एक घटना इस चित्र कथा में दर्शाई गई है।

चम्बल नदी के जावरा टापू पर पेड़ के एक सूखे ठूठ पर एक रिवर टर्न (River tern (Sterna aurantia) बैठी हुई थी। ये स्थान कुछ ऐसा है जहाँ पक्षियों बैठने के लिए केवल कुछ ही ठूठ हैं ऐसे में इनपर बैठने के लिए पक्षियों एक होड़ सी लगी रहती है। क्योंकि इनपर बैठ आसपास आसानी से मछलियों का शिकार किया जा सकता है।

एक रिवर टर्न ठूठ पर बैठ अपने शिकार के लिए मौका ढूंढ ने में लगी हुई थी कि, तभी एक अन्य टर्न ने उसकी और बढ़ना शुरू किया।
उसके हावभाव स्पष्ट रूप से आक्रामक दिखाई दे रहे थे।

बैठी हुई टर्न तेज़ आवाज कर उसे डराने लगी परन्तु उसका फैसला निश्चित था वो आगे बढ़ी और उसने तुरंत बैठी हुई टर्न पर हमला कर दिया।
और बैठी हुई टर्न को वहां से भगा कर उस स्थान पर अपन कब्ज़ा कर लिया।

निश्चित है कि, यहाँ से जाने वाली टर्न भी शांत नहीं बैठेगी। वो भी एक नए स्थान की तलाश में किसी अन्य पक्षी से संघर्ष करेगी और ये चक्र यूँ ही चलता रहेगा।

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