वन्यजीवों में “एरिथ्रिज्म”
वन्यजीवों की दुनिया में अक्सर आपने लीयूसिस्टिक (Leucistic), एल्बिनो (Albino) और मिलेनेस्टीक (Melanistic) जीव देखे होंगे, जिनका रंग…
पक्षी श्रेणी में राजस्थान के पक्षी जीवन पर 56 लेख हैं, जिनमें बड़ा हिस्सा हिंदी में है। थार मरुस्थल, अरावली और माउंट आबू यहाँ बार-बार लौटते हैं, और गोडावण सबसे अधिक बार लिखा गया पक्षी है।
लेखों में प्रजाति परिचय भी हैं और क्षेत्र वृत्तांत भी — इंडियन स्पॉटेड-क्रीपर, राजस्थान की जंगली स्परफ़ाउल, बटनक्वेल का उलटा पारिवारिक ढंग, खड़मोर, हिमालयन और यूरेशियन ग्रिफ़ॉन, रोहिड़ा के फूलों का परागण, करौली की थेकरा गौशाला में गिद्धों का नया ठिकाना, और गौरैया की घटती आवाज़।
वन्यजीवों की दुनिया में अक्सर आपने लीयूसिस्टिक (Leucistic), एल्बिनो (Albino) और मिलेनेस्टीक (Melanistic) जीव देखे होंगे, जिनका रंग…
Indian Peafowl has been a prominent feature of the landscape of Rajasthan through the ages. There are many…
जाने कैसे खुद को बिमारी के संक्रमण से बचाने के लिए मोर करते हैं सोशल डिस्टेंसिंग और बन…
केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान राजस्थान में स्थित एक प्रसिद्ध पक्षी अभयारण्य है। यहाँ विभिन्न प्रकार के पक्षी तथा…
स्तनधारी जीवों की तरह पक्षी भी अपनी क्षेत्र सीमा (Territory) बनाते हैं और यदि किसी अन्य पक्षी द्वारा…
जानते है किस प्रकार पक्षी समूह "बटनक्वेल" में नर और मादा अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियाँ निभाते है... हम सभी…
सुखपाली, एक ऐसी महिला वनरक्षक जिसने सुदासरी जैसे कठिन परिस्थितियों वाले क्षेत्र में अकेले रहकर उठाई गोडावण के…
व्हाइट-नेप्ड टिट (Parus nuchalis) भारत की एक स्थानिक पक्षी प्रजाति है जिसकी वितरण सीमा बहुत ही छोटी है…
इंडियन कोर्सर (Cursorius coromandelicus), एक जमीन पर रहने वाला पक्षी है तथा यह मिट्टी उथल कर सीधा जमीन…
राजस्थान के जंगली मुर्गे (Grey Jungle fowl Gallus sonneratii) पर अग्रवाल (1978,1979), अनाम (2010), अली एवं रिप्ले (1983),…