वन रक्षक 4: “आई लव माई खेतोलाई”: कमलेश बिश्नोई
कमलेश, बिश्नोई समाज का वह बालक जिसने अपने दादाजी के साथ ऊंट चराते हुए वन्यजीवों के बारे में…
पक्षी श्रेणी में राजस्थान के पक्षी जीवन पर 56 लेख हैं, जिनमें बड़ा हिस्सा हिंदी में है। थार मरुस्थल, अरावली और माउंट आबू यहाँ बार-बार लौटते हैं, और गोडावण सबसे अधिक बार लिखा गया पक्षी है।
लेखों में प्रजाति परिचय भी हैं और क्षेत्र वृत्तांत भी — इंडियन स्पॉटेड-क्रीपर, राजस्थान की जंगली स्परफ़ाउल, बटनक्वेल का उलटा पारिवारिक ढंग, खड़मोर, हिमालयन और यूरेशियन ग्रिफ़ॉन, रोहिड़ा के फूलों का परागण, करौली की थेकरा गौशाला में गिद्धों का नया ठिकाना, और गौरैया की घटती आवाज़।
कमलेश, बिश्नोई समाज का वह बालक जिसने अपने दादाजी के साथ ऊंट चराते हुए वन्यजीवों के बारे में…
यह मार्मिक आलेख ऑसप्रे प्रजाति के पक्षी पर हुई शोध से सम्बंधित है, इस अध्ययन ने जहाँ कई…
कई बार छोटे पक्षियों को बड़े शिकारी पक्षी (और कभी-कभी स्तनधारी) पर लगातार हमला करते हुए देखा जाता…
स्थानीय रूप से “खड़मोर” कहलाये जाने वाला, लेसर फ्लोरिकन (Sypheotides indica) भारतीय उपमहाद्वीप की स्थानिक तथा एक लुप्तप्राय…
"सर्दियों के मेहमान प्राचीन युग गिद्ध "ग्रिफॉन", जिनके आगमन से लगता है...गिद्धों की संख्या में वृद्धि हो रही…
हिरणों के बड़े-बड़े, शाखाओं वाले सींगों को ऐंटलर्स कहा जाता है जो हर वर्ष गिरते हैं और फिर…
जोड़बीड़, एशिया का सबसे बड़ा गिद्ध स्थल, जो राजस्थान में प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान भी…
राजस्थान के सूखे रेतीले इलाकों में पाए जाने वाला गोडावण पक्षी, दुनिया का सबसे बड़े आकार का पक्षी…
अति संकटापन्न पक्षी प्रजाति गोडावण के पर्यावास में महत्वाकांक्षी अक्षय ऊर्जा की परियोजनाओं के कारण विद्युत् लाइनों का…
ग्रेटर हूपु लार्क, रेगिस्तान में मिलने वाली एक बड़े आकार की लार्क, जो उड़ते समय बांसुरी सी मधुर…