रुडयार्ड किपलिंग और बूंदी में मानव-वन्यजीव के मध्य सघर्ष
आजकल यह विषय चर्चा में रहता है कि, मानव और वन्यजीवन के मध्य संघर्ष तेजी से बढ़ रहा…
इतिहास के पन्ने उन लेखों के लिए है जो पुराने दस्तावेज़ों, यात्रा-वृत्तांतों और लोगों की स्मृति से राजस्थान के वन्यजीव का बीता हुआ हाल निकालते हैं — कौन सी प्रजाति कहाँ थी, किसने उसे दर्ज किया, और संरक्षण के आज के तौर-तरीके कहाँ से आए।
इनमें डूंगरपुर राज्य में हुआ बाघों का पुनःस्थापन है, फतेह सिंह राठौड़ जैसे लोग, रुडयार्ड किपलिंग और बूंदी में मानव-वन्यजीव संघर्ष, राजस्थान से खो चुके तीन चमगादड़ों की पहेली, एक खास बटेर और एक विवादित ब्रिटिश खोजकर्ता, और रणथम्भौर के नामों का सफ़र। कुल 53 लेख, हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में।
आजकल यह विषय चर्चा में रहता है कि, मानव और वन्यजीवन के मध्य संघर्ष तेजी से बढ़ रहा…
In nature, it is very rare to see the hunter become the hunted. However, there is just such…
यह बहुत दुर्लभ है कि, प्रकर्ति में शिकारी खुद शिकार बन जाता है। एक बार राजस्थान के पुलिस…
During the British Raj, many a Briton regularly visited Mount Abu in Rajasthan, and several took an active…
राजस्थान के माउंट आबू में अंग्रेजो का आना जाना लगा ही रहता था और उनमें से अनेक लोग…
Just how ruthless British sporthunters could be in their relentless pursuit of India's wildlife during the Raj can…
अंग्रेजो ने अपने राज में किस कदर बेहूदगी से इस देश में शिकार किये है, इसका एक उदाहरण…
Colonel Kesri Singh, in one of his books (One Man and a Thousand Tigers published in 1959), mentions…
कर्नल केसरी सिंह ने अपनी एक पुस्तक में रणथम्भोर के एक स्थानीय व्यक्ति नाथू बावरिया का जिक्र किया…
The Rajasthan rock bush quail is believed to be endemic to the state. It was discovered by a…
राजस्थान में बटेर की खास उप प्रजाति मिलती है और कहा जाता है यह राजस्थान की एक स्थानिक…
Today, to stay away from antiquated first aid treatments for snakebites is repeated ad infinitum (and with good reason). The…