सियार, उसका शिकार और सतर्कता

रणथम्भोर के मुख्य बाघ क्षेत्र में जहाँ सिर्फ बाघों का दबदबा है में सियार (Golden Jackal) जैसे कुछ छोटे शिकारी बड़ी ही चतुराई और सतर्कता से रहते हैं। सियार मुख्यरूप से मरे हुए जानवरों को खाते हैं तो कई बार ये बाघ के शिकार में से भी कुछ हिस्सा चुरा लेते हैं। परन्तु बाघ के इलाके में उसका भोजन चुरा पाना बहुत मुश्किल और खतरनाक काम होता है। ऐसे में सियार छोटे जानवरों जैसे हिरन के बच्चों का शिकार कर लेता है।

अपनी जान और भोजन को बाघ से बचाने के लिए सियार अपने शिकार को उठा कर जल्द ही किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की कोशिश करता है।

इस दौरान सियार बहुत ही सतर्क रहता है जैसे ही चीतल की चेतावनी कॉल आती है सियार रुक कर आसपास देखता है की कहीं बाघ तो नहीं आ रहा है।

जब अपने वज़न के बराबर शिकार को लेकर भाग पाना सियार लिए मुश्किल होता है तो वह भोजन के बजाये अपनी जान को बचाते हुए शिकार को वहीँ छोड़ कर चला जाता है।

और कुछ समय बाद जब आसपास से बाघ का खतरा टल जाता है तो सियार तुरंत आकर अपना शिकार वहां से उठा ले जाता है।

 

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2 comments

  1. Lokesh

    One of the finest Artist I’ve ever seen.

  2. Avadesh Vashistha

    Wonderful shots vijay ji.

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